बेवजह घूमने वालों को बनाया गया मुर्गा
फर्रुखाबाद। कोरोना वायरस की वजह से हुए लॉक डाउन में घूमना अब लोगों को महंगा पडऩे लगा है। लॉक डाउन का पालन कराने के लिए जुटी पुलिस अब सख्ती से पेश आ रही है। चौक पर तैनात पुलिस के जाबांज जवानों ने कई लोगों को मुर्गा बनाया तो कई लोगों की खासी खातिरदारी की गई है। मास्क न लगाने वालों पर भी पुलिस ने डंडे बरसाना शुरू कर दिया है।
लॉक डाउन हो जाने के बाद भी लोग इसका उल्लंघन करके घरों से निकलने में अपनी शान समझते हैं। अब उनकी यह शान उन्हें काफी महंगी पड़ रही है क्योंकि चौक से गुजरने वालों पर पुलिस की न केवल लाठियां बरस रही हैं बल्कि उन्हें मुर्गा भी बनाया जा रहा है। चौक बाजार पर तैनात शहर कोतवाली की चौकी पल्ला के प्रभारी सुनील कुमार सिंह अपनी टीम के साथ जान की परवाह किये बगैर डटे रहते हैं। वह लॉक डाउन का अनुपालन कराने के लिए पूरी ताकत झोंके हुए हैं। उन्होंने बेवजह घर से निकलने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
जिलाधिकारी मानवेन्द्र सिंह और पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार मिश्र के निर्देश पर अब बिना मास्क लगाये यदि कोई वहां से निकलता है तो पुलिस उसे उसी की भाषा में समझाती नजर आती है। आज यहां कई लोगों पर डंडे बरसाये गये तो कई लोगों को मुर्गा बनाया गया। जो लोग इमरजेंसी में घर से बाहर निकल कर आये तो उन्हें कारण पूछने के बाद हिदायत देकर जाने दिया गया।
बताना जरूरी है कि तमाम लोग बैंक और मेडिकल स्टोर जाने का बहाना करके बेवजह ही घर से निकल रहे हैं। ऐसे लोग लॉक डाउन का उल्लंघन नहीं कर रहे बल्कि अपने व अपने परिवार और देश के दुश्मन से कम नहीं हैं। ऐसे लोगों को अपनी ही इस ओछी हरकत से बाज आना चाहिये क्योंकि इस समय पूरा देश संकट के दौर से गुजर रहा है। अच्छा तो यह है कि अभी यह जिला सुरक्षित है। दरोगा सुनील कुमार यादव ने आम जनमान से अपील की है कि घर से बाहर न निकले।
जज्बे को सलाम: कोतवाल ने दिव्यांग को राशन, पैसा व दवा देकर किया विदा
कायमगंज/फर्रुखाबाद। बीते लम्बे समय से बीमारी से जूझ रहे दिव्यांग के लिए कोतवाल डॉ. विनय प्रकाश राय धरती के भगवान साबित हुए हैं। कोतवाली पहुंचे दिव्यांग को लॉक डाउन के इस दौर में कोतवाल ने न केवल राशन मुहैया कराया बल्कि रुपए और दवा की भी व्यवस्था कराई है। कोतवाल के इस कार्य को देख दिव्यांग तो उनकी प्रशंसा करते नहीं ही थक रहा था बल्कि आस-पास के लोग भी उनके इस नेक काम पर दुआयें देते नजर आये।
कोरोना वायरस की महामारी में हुए लॉक डाउन की वजह से तमाम ऐसी असहाय लोग हैं जिनके पास न तो खाने को राशन है और न ही दवा के लिए पैसे हैं। कोतवाल डॉ. विनय प्रकाश राय संकट के इस दौर में गरीब और असहाय लोगों की दिन-रात मेहनत कर मदद करने में जुटे हैं। बीते दिवस उन्होंने अग्नि पीडि़तों को उनके घर पहुंचकर राशन मुहैया कराया था। कस्बा ही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी वह लगातार लोगों से सम्पर्क साधे हुये हैं। उन्हें जहां पता चलता है कि वह व्यक्ति भूखा है और उसके घर पर खाने के लिए नहीं है तो उसी के दरवाजे पर राशन लेकर कुंडी बजाते नजर आते हैं। वैसे तो पुलिस को सभी घृणा की नजर से देखते हैं लेकिन कोतवाल के इस जज्बे को सभ्ज्ञी सलाम कर रहे हैं। कस्बा के मोहल्ला सधवाड़ा निवासी लक्ष्मीनारायण दोनों पैरों से दिव्यांग हैं। पैर में हुए इंफेक्शन का इलाज सैफई मेडिकल कालेज से चल रहा है। घर में खाने को नहीं है। उन्होंने कोतवाली पहुंचकर अपनी व्यथा श्री कोतवाल को बताई तो उन्होंने राशन के साथ 500 रुपए भी दिए और मेडिकल स्टोर पर फोन करके एक महीने की दवा भ्ज्ञी मुहैया कराई है।
लेन-देन को लेकर मार-पीट
नबावगंज/फर्रुखाबाद। रुपए के लेन-देन को लेकर दो पक्षों में मार-पीट हुई है। सूचना डायल 112 को दी गई तो पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को हिरासत में ले लिया।
थाना क्षेत्र के गांव इमादपुर समैचीपुर के रहने वाले विजयपाल, हरिओम तथा ब्रह्मानन्द और उसके पुत्र पंकज के बीच पैसे के लेन-देन को लेकर विवाद हो गया। जिस पर मार-पीट हुई। पुलिस ने दोनों पक्षों को हिरासत में लिया है।
हिन्दू युवा वाहिनी ने कोतवाल व उनकी टीम को किया सम्मानित
फर्रुखाबाद। कोरोना वायरस की महामारी में हुए लॉक डाउन में पूरे जिले की पुलिस दिन-रात एक कर लॉक डाउन का पालन कराने में जुटी है। ऐसे में हिन्दू युवा वाहिनी की कानपुर मंडल और जिला कार्यकारिणी टीम ने शहर कोतवाल वेदप्रकाश पाण्डे व अन्य पुलिस कर्मियों को फूल माला पहनाकर तथा अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया है।
कोरोना वायरस की महामारी में पुलिस टीम जान की परवाह किये बगैर दिन-रात जूझ रही है। ऐसे में पुलिस लोगों की हिफाजत कर अपना कर्तव्य निभा रही है। ऐसे पुलिस कर्मियों का पुष्प वर्षा कर व फूला माला पहना कर हिन्दू युवा वाहिनी ने सम्मान किया है। इस मौके पर प्रान्तीय अध्यक्ष प्रमोद कुमार बाजपेयी, प्रान्तीय महासचिव शिवम त्रिपाठी, जिलाध्यक्ष जितेन्द्र अग्रवाल, जिला प्रवक्ता हरिप्रकाश मिश्र, जिला महासचिव प्रमोद गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष राजेश गुप्ता, जिला संयोजक रमेश प्रजापति, उपाध्यक्ष नीलेश पाण्डे, कमलेश पाण्डे, गंगानगर के सभासद मनोज अग्निहोत्री एडवोकेट आदि मौजूद रहे।
पुरानी रंजिश में मां-बेटे को पीटा
नबावगंज/फर्रुखाबाद। पुरानी रंजिश के चलते कुछ लोगों ने महिला के साथ गालीगलौज किया। जब उसने मना किया तो लाठी-डंडों व तमंचों की बटों से मारा-पीटा है। जब उसका पुत्र बचाने आया तो उसे भी मारा-पीटा। पीडि़ता ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है।
थाना क्षेत्र के गांव बबना की रहने वाली श्रीमती सरस्वती देवी पत्न्ी स्व. जगदीश प्रसाद जाटव सुबह लगभग 10 बजे अपने खेत से गेहूं काटकर आयीं और दरवाजे पर बैंठ गईं। उसी समय उनके परिवार के ही नरेन्द्र, गुड्डू, अशोक कुमार पुत्रगण सोनेेलाल जाटव, अंकित कुमार पुत्र वीरेन्द्र सिंह जाटव, सोने लाल पुत्र स्व. डालचन्द्र जाटव वहां जा धमके और पुरानी रंजिश को लेकर गालीगलौज करने लगे। जब सरस्वती देवी ने गालीगलौज करने से मना किया तो यह लोग हमलावर हो गये। सभी ने लाठी-डंडों व लात-घूसों और तमंचों की बटों से बुरी तरह मारा-पीटा जिसमें उन्हें काफी चोटें आयीं। शोर-शराबे की आवाज सुनकर उनका पुत्र रोहित उर्फ सचिन बचाने आया तो उसे भी इन लोगों ने मारा-पीटा है। मौके पर तमाम लोगों की भीड़ जमा हो गई। किसी तरह लोगों ने इन लोगों के चंगुल से मां-बेटे को बचाया तो पीडि़त मां-बेटे ने थाने पहुंचकर मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी है।
कम होता नजर नहीं आ रहा ग्राम प्रधान का कहर, पुलिस लीपापोती में जुटी
फर्रुखाबाद। जिन गांव के लोगों ने अपना अमूल्य वोट देकर देश की सबसे पहली पंचायत का नेतृत्व सौंप कर उमेश यादव पुत्र जादौव सिंह यादव को प्रधान बनाया था। अब वही प्रधान गांव के लोगों पर कहर बन कर बरप रहे हैं। बीते दिनों सीसी रोड पर निकल रहे एक निरीह को उन्होंने अपने परिजनों के साथ मिलकर बेरहमी से मारा-पीटा था। पीडि़त ने तहरीर भी दी लेकिन आज तक कोई भी कार्रवाई अमल मेें नहीं लाई गई।
थाना नबावगंज क्षेत्र के गांव गढिय़ा बबरारा के रहने वाले जितेन्द्र सिंह पुत्र ओमकार सिंह बीती 29 मार्च को गांव में बने सीसी रोड से निकल कर खेतों की ओर जा रहे थे। रास्ते में ग्राम प्रधान उमेश यादव पुत्र जादौव सिंह यादव उन्हें मिल गये और रोक कर प्रधानी के रौब में गालीगलौज करते हुए कहा कि तुम इस सीसी रोड से नहीं निकलोगे। जितेन्द्र सिंह ने सार्वजनिक रास्ते से निकलने पर प्रतिबन्ध लगाये जाने का कारण पूछा तो मानों ग्राम प्रधान आगबबूला ही हो गये। उन्होंने मार-पीट करना शुरू कर दिया। उसी समय प्रधान उमेश यादव के परिवार के ही नवनीत कुमार पुत्र दिनेश यादव, राकेश चन्द्र, कुलदीप पुत्रगण रामनिवास, शीलू पुत्र उमेश चन्द्र, अमरपाल, अनुज कुमार पुत्रगण श्रवण सिंह भी वहां पहुंच गये। इन लोगों ने भी जितेन्द्र सिंह को बेरहमी से मारा-पीटा। शोरशराबे की आवाज सुनकर जितेन्द्र के चाचा का पुत्र शिवम पुत्र अहंकार यादव बचाने आया तो दबंग प्रधान व उसके साथियों ने उसे भी बेरहमी से मारा-पीटा। ग्राम प्रधान के बढ़ते कहर से गांव के लोग कराह उठे हैं। जितेन्द्र ने रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी तो पुलिस मामले की लीपापोती में जुट गई जिसकी वजह से आरोपियों के हौसले और अधिक बुलन्द हैं।
चिकित्सकों व कर्मियों को मिलेगा स्वादिष्ट भोजन
फर्रुखाबाद। भोजन के महत्व को बताने वाली एक पुरानी कहावत है, 'भूखे भजन न होय गोपालाÓ अर्थात भूखे पेट भगवान के भजन में भी मन नहीं लगता है। पेट भूखा होने पर मन भी अशांत हो जाता है। इस कहावत को अब स्वास्थ्य विभाग ने भी पूरी तरह से आत्मसात कर लिया है। जिसके चलते अब महकमे ने कोरोना वायरस से पीडि़त अथवा संदिग्ध मरीजों के उपचार में लगे कर्मियों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने जा रहा है, जिससे इन सभी का मन शांत और एकाग्रचित्त रहे और वह और बेहतर तरीके से मरीजों की सेवा कर सकें।
कोरोना वायरस से पीडि़त अथवा संदिग्ध मरीजों के उपचार में लगे चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ रात-दिन अपनी ड्यूटी कर इस संक्रमण के फैलाव को रोकने में जुटे हैं। यह चिकित्साकर्मी इस अवधि में न तो अपने घरों को जा पा रहे हैं और न ही अपने प्रियजन से मुलाकात कर पा रहे हैं। दिन-रात की थकान भरी ड्यूटी के बाद इन चिकित्सा कर्मियों के सामने खाने का कोई संकट न रहे, इन्हें गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने को लेकर परिवार कल्याण विभाग के महानिदेशक बद्री विशाल ने प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को एक पत्र लिखा है। अपने पत्र में उन्होंने प्रदेश के चिकित्सकों के साथ ही तमाम पैरामेडिकल कर्मी भी समर्पित भाव से कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं। ऐसे में इन सभी को मानसिक रूप से सबल किए जाने की जरूरत है। इसलिए यह जरूरी है कि इन सभी के खान-पान में कोई कोताही न होने पाए। इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति को प्रत्येक दिन की दर से 500 रुपये अनुमन्य किए गए हैं। इसके अलावा इन सभी को मेडिकल कर्मियों को लांड्री ;कपड़ों आदि की धुलाईद्ध के लिए भी अतिरिक्त धनराधि अनुमन्य किया गया है। ए श्रेणी के नगरों में यह धनराधि 1500 रुपये, बी श्रेणी के नगरों में यह धनराधि 1250 रुपये और सी श्रेणी के नगरों में यह धनराधि 1000 रुपये निर्धारित की गई है।
अधेड़ ने फांसी लगाकर की आत्महया
कमालगंज/फर्रुखाबाद। मानसिक रूप से विक्षिप्त अधेड़ का शव पेड़ पर फांसी के फन्दे पर लटकता मिला है। सुबह जानकारी होने पर परिजनों में कोहराम मच गया। ग्राम प्रधान की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया है।
थाना क्षेत्र के गांव जीरा गौर निवासी उस्मान ;55 वर्षद्ध पुत्र मसबूल हसन बीते लगभग एक वर्ष से मानसिक रूप से विक्षिप्त थे। उनका इलाज चल रहा था। परिजनों के मुताबिक उनके आठ बच्चे हैं। उनका गांव से तकरीबन आधा किमी. दूर कब्रिस्तान के पास पेड़ पर फांसी के फन्दे पर लटकता हुआ शव जब गांव के लोगों ने देखा तो इसकी जानकारी उनके परिजनों को दी। देखते ही देखते मौके पर तमाम लोगों की भीड़ जमा हो गई। परिजनों में कोहराम मच गया। ग्राम प्रधान असद मियां ने मामले की जानकारी थाना पुलिस को दी। पहुंची पुलिस ने शव को फांसी के फन्दे से उतार कर पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया है। वहीं फारेंसिंक टीम प्रभारी ओमप्रकाश भी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने नमूने एकत्रित किये हैं।