कानपुर

युवा भतीजे ने चाची की गला रेतकर की हत्या, वजह तलाश रही पुलिस।
कानपुर। घाटमपुर कोतवाली के काटर गांव के मजरा गुरैय्यन में युवा भतीजे ने चाची को गला रेतकर मार डाला। हत्या की वारदात के बाद गांव में सनसनी फैल गई और ग्रामीणों की बीच तरह तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। गांव पहुंची पुलिस को मृतका के मासूम बेटे ने घटना बयां की तो सभी सन्न रह गए। घर वालों ने हत्या के पीछे लेनदेन के विवाद की बात कही है लेकिन वजह की तलाश में जुटी पुलिस ने अवैध संबंध का बिंदु भी सामने आने पर जांच शुरू की है।
रात में घर पर बेटे साथ अकेली थी अर्चना
कानपुर देहात सीमा से जुड़े गांव काटर के मजरा गुरैय्यन में धीर सिंह यादव पत्नी अर्चना, मछले बेटे 12 वर्षीय आयुष और छोटे बेटे दस वर्षीय दीपांशु के साथ रहते थे। धीर सिंह के बड़े बेटे को भाई देवप्रकाश ने गोद ले लिया था, जिसके चलते वह उनके पास ही रहता है। बुधवार की रात धीर सिंह अपने बेटे आयुष को लेकर खेतों पर फसल की कटाई-मड़ाई के लिए गया था। 38 वर्षीय अर्चना अपने छोटे बेटे दीपांशु के साथ घर पर अकेली थी। अर्चना बरामदे और दीपांशु कमरे के अंदर सो रहा था। आधी रात दीपांशु की चीख पुकार सुनकर पड़ोसी पहुंचे तो अर्चना का रक्तरंजित शव चारपाई पर पड़ा पाया। अर्चना की धारदार हथियार से गला रेत कर हत्या की गई थी।
मासूम ने चचेरे भाई का लिया नाम
घटना की जानकारी पर गांव में सनसनी फैल गई और खेत से धीर सिंह के साथ परिजन भी आ गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने गांव वालों और दीपांशु से पूछताछ की। दीपांशु ने ट्रक चालक चचेरे भाई जय सिंह का नाम लिया। उसने बताया कि रात में मां अर्चना के पास चचेरा भाई जय सिंह आया था और उसी ने मां को मार डाला। पुलिस ने गांव में तलाश की लेकिन आरोपित जयसिंह नहीं मिला। रात में उसके गांव में होने की पुष्टि हुई लेकिन सुबह तक वह फरार हो गया। पुलिस ने जय सिंह के पिता राजा सिंह को हिरासत में लिया है। सीओ रवि कुमार सिंह ने बताया हत्या के पीछे अवैध संबंध और लेनदेन के विवाद की बात सामने आ रही है। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी।
- अवैध संबंधों को लेकर ग्रामीणों में चर्चा
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि जय सिंह का अक्सर धीर सिंह के घर में आना जाना रहता था। 28 वर्षीय जय सिंह ट्रक चलाता है और अभी तक उसकी शादी नहीं हुई है। दबी जुबान से लोगों ने पुलिस को बताया कि घर धीर सिंह न होने पर जय सिंह उसके घर जाता था। अर्चना भी उससे काफी बातें करती थी। वहीं घर वालों ने पुलिस को धीर सिंह से लेनदेन का विवाद होने की जानकारी दी है। पुलिस दोनों बिंदुओं के आधार पर घटना की जांच कर रही है।


लॉकडाउन अवधि में  फीस  ना ले स्कूल-जिलाधिकारी 
U- फीस बढ़ाने वाले विद्यालयों पर की जाएगी दंडात्मक कार्यवाही कार्यवाही
कानपुर। जिलाधिकारी डॉ0 ब्रह्मदेव राम तिवारी ने बताया कि समस्त प्राइवेट स्कूलों को पहले भी शासन के निर्देशों के क्रम में आदेशित किया गया था कि वह इस लॉक डाउन  अवधि में फीस न  लें । इसके लिए उन्होंने सभी से अपील करते हुए कहा था कि लॉक डाउन  अवधि में  स्कूल प्रबंधन फीस न ले यह फीस लॉक डाउन  अवधि के बाद ली जाए इसका कड़ाई से अनुपालन किया जाए । उन्होंने पुन: निर्देशित करते हुए कहा कि इस लॉक डाउन अवधि में जो अभिभावक फीस देने में सक्षम है वह फीस अवश्य दे  ताकि विद्यालयों को अपने टीचर स्टाफ को सैलरी देनी  है वह दे सके। उन्होंने बताया कि फीस माफ नहीं की गई है  फीस  अवधि को बढ़ाया गया है। जो  अभिभावक सक्षम है वह फीस जरूर दें। उन्होंने सभी विद्यालय प्रबंधन को निर्देशित करते हुए कहा कि फीस लेने के संबंध में कोई भी विद्यालय नोटिस नहीं  दे यदि नोटिस देता है तो संज्ञान में लेते हुए उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी साथ ही किसी भी स्कूल द्वारा इस लॉक डाउन अवधि में फीस बढ़ोतरी  भी न कि जाए  यदि फीस बढ़ोतरी की  जाती है  तो  उसको भी  संज्ञान में लेते हुए उसके भी खिलाफ  कार्यवाही की जायेगी।


लॉकडाउन क्षेत्रों में बायोमैट्रिक पेमेंट सिस्टम हेतु 3 मोबाइल वैन को डीएम ने हरी झण्डी दी।
कानपुर। बैंकों में भीड़ के दृष्टिगत ग्राहकों को असुविधा के साथ भुगतान न मिल पाने की शिकायत ग्राहकों ने प्रशासन से की जिसको ध्यान में रखते हुये बैंक के अधिकारियों ने मोबाइल वैन का निष्कर्ष निकाला। बैंंक अधिकारियोंं ने जिलाधिकारी को इस पर अवगत कराते हुये वैन को हरी झण्डी दिखायी।
 जिलाधिकारी डॉ0 ब्रह्मदेव राम तिवारी ने कोविड 19 आपदा से हुए  लॉकडाउन अवधि में बैंकों में धन निकासी हेतु भीड़ के दृष्टिगत व लॉक डाउन क्षेत्रों में बायोमैट्रिक पेमेंट सिस्टम हेतु 3 मोबाइल वैन को अपने कैम्प कार्यालय से हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। जिनमें से 2 मोबाइल वैन बैंक ऑफ बडोदा की है और एक मोबाइल वैन एसबीआई की है। इस मोबाइल वैन में बायोमेट्रिक पेमेंट सिस्टम और डेविड  या रुपे कार्ड से स्वेप करके भी पैसा निकाला जा सकता है। यह सुविधा उन लोगों के लिए है  जिनका खाता  आधार  से लिंक है।  यह वैन किसी भी बैंक  के खाता धारक को  10 हजार रुपये तक का भुगतान करेंगी। विशेष तौर पर यह मोबाइल   वैन  लॉक डाउन क्षेत्रों में रहकर लोगो को  सोशल डिस्टेंसिंग के आधार पर  लाइन लगाकर  बायोमैट्रिक पेमेंट सिस्टम के आधार पर पैसा  निकाशी कराएगी। प्रत्येक व्यक्ति  के अंगूठे को सैनिटाइजर करते हुए उनका अंगूठा बायोमेट्रिक में लगाकर भुगतान किया जायेगा। इस  वैन में सुरक्षा कर्मी की तैनाती की गई है साथ ही अन्य लगे  कर्मियों को मास्क, दस्ताने व अन्य आवश्यक किट भी उपलब्ध कराई गई है।इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी  सुनील कुमार सिंह तथा लीड बैंक मैनेजर अजय कुमार वर्मा उपस्थित रहे ।


कोरोना वायरस: ओएफसी ने बनाई 'फेस मास्क' की जांच उपकरण-चरक।
कानपुर। कोरोना वायरस को रोकने के लिए फेस मास्क सबसे जरूरी चीज है, जिसका इस्तेमाल इस समय पूरी दुनिया कर रही है। दरअसल हम सब जानते हैं कि कोरोना वायरस की अब तक कोई भी दवा या वैक्सीन नहीं बनी है। ऐसे में बचाव ही इसका सबसे बड़ा इलाज है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कोरोना वायरस से बचाने वाला यह फेस मास्क आपको एक झटके में कोविड-19 का मरीज बना सकता है? नहीं, तो आपको यह खबर ध्यान से पढ़नी चाहिए, क्योंकि एक शोध में पता चला है कि फेस मास्क पर कोरोना वायरस सात दिनों के बाद तक जिंदा रह सकता है। कोरोना वायरस से निपटने के लिए अन्य परीक्षण के अतिरिक्त सर्जिकल फेस मास्क का डिफरेन्शियल प्रेशर टेस्ट द्वारा ब्रिथबिलिटी टेस्ट अनिवार्यतः किया जाता है। ब्रिथबिलिटी टेस्ट ऐपरैटस एयरफ्लो, तापमान और आर्द्रता की खास परिस्थिति में पूरे सर्जिकल मास्क में प्रेशर ड्रॉप सुनिश्चित करता है। यह मास्क में ब्रिथबिलिटी (वायु की उपलब्धता) है। आयुध निर्माणी कानपुर ने एक ऐसा ही सर्जिकल फेस मास्क ब्रिथबिलिटी टेस्ट ऐपरैटस तैयार किया है, जिसका नाम 'चरक' है। चरक से मास्क की ब्रिथबिलिटी को जांचने के लिए किया जाता है। आयुध निर्माणी कानपुर ने संगत मानकों जैसे (आईएस 16289:2014) के अनुरूप 1हफ्ते के अंदर यह टेस्ट अपेरटस तैयार किया है। यह डिवाइस डिफरेंशियल प्रेशर मापता है, जिसे 8 लीटर प्रति मिनट के नियत एअरफ्लो पर टेस्ट के अंतर्गत सर्जिकल मास्क के एअर एक्सचेंज प्रेशर के रूप में जाना जाता है। टेस्ट ऐपरैटस के एक सिरे पर एक इलेक्ट्रिक वैक्यूम पंप की सहायता से मास्क में 8 लीटर प्रति मिनट की दर पर एयरफ्लो रेगुलेट किया जाता है। फ्लोमीटर में फिट किए गए वाल्व की सहायता से एअरफ्लो रेगुलेट किया जाता है। एअरफ्लो मापने के लिए फ्लोमीटर का उपयोग किया जाता है।


तीन मौतों के साथ संक्रमितों की संख्या पंहुची 94।
कानपुर। शहर में ब्रश कारोबारी के पिता की मौत की खबरआई जो कि शहर में कोरोना से तीसरी मौत है। कोरोना वायरस सैंपल रिपोर्ट बेहद डरावनी है। केजीएमयू लखनऊ से पिछले दिनों गये सैम्पल में से तीन की रिपोर्ट पाजिटिव आयी ये तीनो ही केस अनवरगंज, कुलीबाजार से सम्बंधित है जिनको क्वारंटाइन किया गया है। जिससे संक्रमितों की संख्या 94 हो गयी है। 
स्वास्थ्व विभाग की टीम ने एक बुजुर्ग की मौत के बाद घाट पर जाकर सैंपल लिया था, गुरुवार को रिपोर्ट में उनकी कोरोना वायरस की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अब उनके घर के लोगों के साथ ही नाते-रिश्तेदार काफी दहशत में हैं। शहर में कुली बाजार के एक कोरोना पॉजिटिव ब्रश कारोबारी के दिवंगत पिता भी कोरोना पॉजिटिव निकले हैं। कुलीबाजार निवासी 72 वर्षीय बुजुर्ग की मौत के बाद मेडिकल टीम ने घाट पर जाकर उनके थ्रोट और नेजल स्वाब का नमूना लिया था। शहर में कोरोना वायरस के संक्रमण से यह अब तक तीसरी मौत है। कुली बाजार के कोरोना पॉजिटिव ब्रश कारोबारी के पिता की तबीयत सोमवार रात अचानक तबीयत खराब हो गई। घर के लोग उन्हें लेकर उर्सला शहर के अस्पताल पहुंचे तो उनकी मौत हो चुकी थी। वहां के डॉक्टर्स ने बगैर किसी जांच के शव को परिजनों को सौंप दिया। जब मंगवार सुबह परिजन दाह संस्कार करने भैरव घाट पहुंचे तो नगर निगम के कर्मचारियों ने सतर्कता बरती और सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी। उसके बाद जिलाधिकारी के हस्तक्षेप पर मेडिकल टीम उनका नमूना लेने के लिए घाट पहुंची थी। ब्रश कारोबारी के पिता के अलावा उनके एक और 32 वर्षीय स्वजन संक्रमित हैं।